योग दर्शन के प्रतिपादक कौन है? 

Explanation : योग दर्शन के प्रतिपादक महर्षि पतंजलि है। इन्हें आयुर्वैदिक ग्रंथ चरक संहिता का जनक माना जाता है। पतंजलि पुष्यमित्र शुंग के कुलगुरु और पुरोहित थे। महर्षि पतंजलि एक प्रख्यात चिकित्सक और रसायन शास्त्र के आचार्य थे। रसायन विज्ञान के क्षेत्र में अभ्रक, धातुयोग और लौह्शास्त्र का परिचय कराने का श्रेय पतंजलि को जाता है। राजा भोज ने महर्षि पतंजलि को तन के साथ हीं मन के चिकित्सक की उपाधि से विभूषित किया था। इन्हें योगशास्त्र के जन्मदाता की उपाधि भी दी जाती हैं। जो हिन्दू धर्म के छह दर्शनों में से एक है। इन्होंने योग के 195 सूत्रों को स्थापित किया था।