तक्षशिला विश्वविद्यालय को किसने ध्वस्त किया? 

Explanation : तक्षशिला विश्वविद्यालय को बख्तियार खिलजी ने ध्वस्त किया। तुर्की शासक बख्तियार खिलजी ने नालंदा विश्वविद्यालय में आग लगवा दी थी। कहा जाता है कि विश्व विद्यालय में इतनी पुस्तकें थी की पूरे तीन महीने तक यहां के पुस्तकालय में आग धधकती रही। उसने अनेक धर्माचार्य और बौद्ध भिक्षु मार डाले। वर्तमान पाकिस्तान के रावलपिंडी जिले में स्थित तक्षशिला प्राचीन समय में गांधार राज्य की राजधानी थी। तक्षशिला का इतिहास में प्रसिद्धि का कारण उसका ख्याति प्राप्त शिक्षा केंद्र होना था। यहां अध्ययन के लिए दूर-दूर से विद्यार्थी आते थे, जिनमें राजा तथा सामान्य जन दोनों ही सम्मिलित थे। सबके साथ समानता का व्यवहार किया जाता था।  कौशल के राजा प्रसेनजित, मगध का राजवैद्य जीवक, सुप्रसिद्ध राजनीतिविद् चाणक्य, बौद्ध विद्वान् वसुबंधु आदि ने यहीं शिक्षा प्राप्त की थी। बौद्ध साहित्य से पता चलता है कि यह धनुर्विद्या तथा वैद्यक की शिक्षा के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध था। चाणक्य यहां का प्रमुख आचार्य भी था। चंद्रगुप्त मौर्य ने अपनी सैनिक शिक्षा यहीं ग्रहण की थी।