रक्त एवं लौह की नीति का अवलंबन किसने किया था? 

Explanation : रक्त एवं लौह की नीति का अवलंबन गयासुद्दीन बलबन ने किया था। वह गुलाम वंश का शासक था जिसने दिल्ली सल्तनत पर 1266 ई. से 1286 ई. तक शासन किया। शासन पद्धति को बलबन ने नवीन सांचे में ढाला और उसको मूलतः लौकिक बनाने का प्रयास किया। उसका कहना था कि ‘सुल्तान का हृदय देवी अनुकम्पा की एक विशेष निधि है, इस कारण उसका अस्तित्व अद्वितीय है।’ उसने ‘सिजदा’ एवं ‘पैबोस’ की परम्परा को लागू किया तथा फारसी त्यौहार ‘नौरोज’ को प्रारम्भ करवाया। उसकी शासन व्यवस्था को ‘लौह एवं रक्त’ की नीति कहकर सम्बोधित किया जाता है।