राजस्थान में सास बहू का मंदिर कहां स्थित है? 

Explanation : राजस्थान में सास बहू का मंदिर उदयपुर में स्थित है। यह मंदिर लगभग 1100 साल पुराना है, वैसे इसका असली नाम सहस्रबाहु मंदिर है। सहस्त्राबहु का मतलब होता है ‘हजार भुजाओं वाले’ भगवान का मंदिर। बताया जाता है कि लोगों के सही उच्चारण नहीं कर पाने की वजह से सहस्त्रबाहु मंदिर सास-बहू मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हो गया। बता दे कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर किले के पूर्व में भी सास-बहू मंदिर स्थित है जो 32 मीटर लंबा तथा 22 मीटर चौड़ा है। मंदिर में प्रवेश के लिए तीन दिशाओं में दरवाजे हैं जबकि चौथी दिशा में एक दरवाजा बना हुआ है जो वर्तमान में बंद है। राजस्थान में सास-बहू मंदिर में त्रिमूर्ति (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) की छवियां एक मंच पर खुदी हुई है जबकि दूसरे मंच पर राम, बलराम और परशुराम के चित्र लगे हुए हैं। इतिहासकर बताते हैं कि मेवाड़ राजघराने की राजमाता ने मंदिर भगवान विष्णु को और बहू ने शेषनाग को समर्पित कराया था। बताया जाता है कि इस मंदिर में भगवान विष्णु की 32 मीटर ऊंची और 22 मीटर चौड़ी प्रतिमा थी। लेकिन आज के समय में इस मंदिर में भगवान की एक भी प्रतिमा नहीं है। अर्थात इस मंदिर परिसर में भगवान की एक भी प्रतिमा नहीं है।