नील दर्पण नाटक की विषय वस्तु क्या थी? 

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Explanation : नील दर्पण नाटक की विषय वस्तु कृषकों पर हुए अत्याचारों से थी। ‘नीलदर्पण’ नामक नाटक की रचना 1859 में दीनबंधु मित्र ने की थी। यह पुस्तक 1860 में ढाका में प्रकाशित हुई थी। नीलदर्पण नामक पुस्तक में नील आंदोलन के समय कृषकों पर हुए अत्याचारों का चित्रण किया गया है। इसमें नील की खेती करने वाले किसानों के कष्ट, उत्पीड़न और संघर्ष का वर्णन किया गया है। किसान गरीबी, उत्पीड़न, निर्दयता और अपमान से जूझते रहे। नील आंदोलन का नेतृत्व दिगंबर विश्वास और विष्णु विश्वास ने किया था। नील विद्रोह भारतीय किसानों का पहला सफल विद्रोह था।

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