मुंडा विद्रोह का नेता कौन था? 

Explanation : मुंडा विद्रोह का नेता बिरसा मुंडा था। बिरसा मुंडा द्वारा प्रारंभ किया गया आंदोलन एक प्रकार का सामाजिक-धार्मिक एवं राजनीतिक आंदोलन था। उन्होंने सोम मुंडा को धार्मिक एवं सामाजिक आंदोलन की जिम्मेदारी दी। इस आंदोलन में बिरसा ने शोषण मुक्त समाज की स्थापना, मुंडा समाज के अनुरूप एक नए धर्म की घोषणा, हिंदू धर्म के आदर्श एवं कर्मकांड, शुद्धता एवं तपस्या का प्रचार, एकेश्वर में विश्वास, भूत-प्रेत की पूजा पर रोक एवं समाज के प्रत्येक व्यक्ति में आत्म सम्मान एवं आत्म विश्वास भरने पर बल दिया।  मुंड विद्रोह 1874 ई. से प्रांरभ हुआ तथा 1895 ई. में बिरसा मुंडा द्वारा नेतृत्व संभाले जाने पर यह प्रबल रूप में सामने आया। इन्होंने 1899 ई. में क्रिसमस की पूर्व संध्या पर विद्रोह की घोषणा की, जो वर्ष 1900 में पूरे मुंडा क्षेत्र में फैल गया। इन्होंने अपने अनुयायियों से सिंगा बोंगा की पूजा करने को कहा तथा 1899 ई. में इन्होंने दिकु (बाहरी महाजन, हाकिम, ठेकेदार) तथा ईसाइयों (अंग्रेजों) को भगाने का आह्रान किया। 3 फरवरी, 1900 को इन्हें सिंहभूम में गिरफ्तार कर लिया गया तथा रांची जेल में इनकी हैजे की बीमारी से मृत्यु हो गई।

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