महाराष्ट्र में क्रांतिकारी आंदोलन के अग्रदूत कौन थे? 

Explanation : महाराष्ट्र में क्रांतिकारी आंदोलन के अग्रदूत विनायक दामोदर सावरकर थे। इसने अलावा महाराष्ट्र में क्रांतिकारी आंदोलन के नेता श्यामजी कृष्ण वर्मा, गणेश सावरकर और चापेकर बंधु थे। उनका कहना था कि, ‘प्राण देने के पूर्व प्राण ले लो। 1896-97 ई. में पूना में प्रथम क्रांतिकारी संगठन ‘व्यायाम मंडल’ को चापेकर बंधुओं विनायक चापेकर और बालकृष्ण चापेकर ने स्थापित किया था। इस संस्था के द्वारा ‘चापेकर बंधु’ देश पर प्राण न्यौछावर करने वाले युवाओं का एक समूह तैयार करना चाहते थे। सावरकर बंधुओं (विनायक दामोदर सावकर और गणेश सावरकर) ने नासिक में 1904 ई. में मित्र मेला को स्थापित किया था। यह महाराष्ट्र का एक प्रमुख क्रांतिकारी संगठन था। आगे चलकर दोनों भाईयों ने एक अन्य प्रमुख संगठन ‘अभिनव भारत’ को 1907 में स्थापित किया था। यह एक गुप्त क्रांतिकारी संस्था थी, जो मैजिनी के ‘तरूण इटली’ पर आधारित थी। भारत के कई प्रांतों में ‘अभिनव भारत’ की शाखाएं स्थापित की गईं। यह संस्था बम बनाने, शस्त्र चलाने, प्रशिक्षण देने आदि गतिविधियों में संलिप्त थी। अभिनव भारत ने रूसी क्रांतिकारियों से बम बनाने की कला सीखने के लिए पाडुरंग बापट को भी पेरिस भेजा था।