महा पुराणों की संख्या कितनी है? 

Explanation : महा पुराणों की संख्या अठ्ठारह है। सबसे प्रमुख अठ्ठारह पुराणों में अलग-अलग देवी-देवताओं को केंद्र मानकर पाप और पुण्य, धर्म और अधर्म, कर्म और अकर्म की गाथाएँ कही गई है, कुछ पुराणों में सृष्टि के आरम्भ से अन्त तक का विवरण किया गया है, इनमें हिन्दू देवी-देवताओं का और पौराणिक मिथकों का बहुत अच्छा वर्णन है।