भगिनी निवेदिता का मूल नाम क्या था? 

Explanation : भगिनी निवेदिता का मूल नाम मार्गरेट एलिजाबेथ नोबेल (Margaret Elizabeth Noble) था। वह आइरिश मूल की थीं। जनसेवा के लिए ही स्वामी विवेकानंद ने उन्हें भगिनी निवेदिता नाम दिया। बाद में उनके नाम के आगे ‘सिस्टर’ का संस्कृत शब्द भगिनी भी जुड़ गया। निवेदिता का अर्थ `ईश्वर को समर्पित’ होता है, वही निवेदिता का एक अर्थ स्त्री शिक्षा को समर्पित भी होता है। महिला शिक्षा और आजादी के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाली मार्गरेट उर्फ भगिनी निवेदिता का जन्म 28 अक्टूबर 1867 को आयरलैंड के काउंटी टाइरोन में हुआ था। 1895 में लंदन में स्वामी विवेकानंद से मुलाकात के बाद उनका जीवन बदल गया। वह उनसे मिलने भारत आ गईं। इसके बाद उनका जीवन भारत के लिए ही समर्पित हो गया। यहां आकर वह मानवसेवा में जुट गईं। उन्होंने लड़कियों की शिक्षा के लिए स्कूल खुलवाए। भगिनी निवेदिता दुर्गापूजा की छुट्टियों में दार्जीलिंग घूमने गईं। वहीं उनकी सेहत खराब हो गई। 13 अक्टूबर 1911 को 44 साल की उम्र में उनका असामयिक निधन हो गया।