आरंभिक तमिल साहित्य किसका साक्ष्य प्रस्तुत करता है? 

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Explanation : आरंभिक तमिल साहित्य या संगम साहित्य का रचनाकाल 100 ई. से 250 ई. तक माना जाता है। इस साहित्य में तीन महत्त्वपूर्ण राज्य चोल, चेर, पांड्य का उल्लेख मिलता है। इस काल के प्रमुख साहित्य-तोल्कापियम (तोलकाप्पियर), मणिमेखले (सीतले सतनार), शिलप्पदिकारम (इलगोआदिगल), जीवकचिंतामणि (तिरून्तक्कदेवर), कुरल (तिरुवल्लुवर) आदि प्रमुख है। इन ग्रंथों से आरंभिक तमिल क्षेत्र की राजनीतिक, आर्थिक सामाजिक एवं धार्मिक व्यवस्था पर प्रकाश पडता है। इस काल में समाज चार वर्षों में विभक्त था अरसर (शासक), अंडनर (ब्राह्मण), वेनिगर (वणिक), वेलाल (किसान) परंतु यह वर्ण-व्यवस्था आर्य युगीन वर्ण-व्यवस्था से भिन्न था प्राचीन आर्यो की कठोर जाति व्यवस्था का यहाँ अभाव था।

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